फरीदाबाद, ( न्यूज अड्डा ) : जमानत गिरोह के सदस्यों ने फर्जी कागजात के आधार पर पोक्सो एक्ट के आरोपी को जमानत दिला दी। जमानत मिलने के बाद आरोपी तय समय पर अदालत में पेश नहीं हुआ। जमानतीयों को नोटिस जारी हुआ तो पता लगा कागजात ही फर्जी थे। इस केस में राजीव कालोनी निवासी नरेंद्र और एसजीएम नगर निवासी सुनील का नाम शामिल है।
दरअसल फास्ट ट्रैक कोर्ट की ओर से पोक्सो के मामले में बंद विकास नाम के युवक को 2018 में जमानत दी गई थी। उस दौरान जमानत के लिए राजीव कालोनी निवासी नरेंद्र और एसजीएम नगर निवासी सुनील जमानती के तौर पर अदालत में पेश हुए थे।
दोनों की ओर से आधार कार्ड कार्ड, पेन कार्ड और जमीन संबंधित दस्तावेज जमा किए गए थे। जमानत की अवधि खत्म होने के बाद जब विकास वापस जेल में नहीं लौटा तो जमानतीयों को कोर्ट की ओर से नोटिस जारी किया गया। नोटिस का भी दोनों ने कोई जवाब नहीं दिया। इसके बाद जांच की गई तो नरेंद्र और सुनील के दस्तावेज फर्जी पाए गए। दोनों ने कोर्ट में जमानत देने के दौरान अपनी जमीन के दस्तावेज भी जमा कराए थे। जांच के दौरान पाया गया कि मौके पर दोनों की जमीन भी नहीं है। वहीं आधार कार्ड और पैनकार्ड में जो पता दिया गया था। उस पर दोनों जमानती नहीं रहते थे। जिसके बाद अदालत में जाली दस्तावेज पेश करने को लेकर कोर्ट के आदेश पर सेंट्रल थाने में दोनों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। दोनों जमानतीयों और पोक्सो एक्ट के आरोपी की तलाश की जा रही है।
