फरीदाबाद, ( न्यूज अड्डा ) : धौज थानाक्षेत्र स्थित एक फार्म हाउस में घुसकर एक युवक ने बुजुर्ग दंपति पर जानलेवा हमला कर दिया।दोनों बुजुर्ग दिव्यांग हैं। हमले में बुजुर्ग महिला के हाथ में फ्रैक्चर भी आया है। हैरानी की बात ये है कि घटना के 22 दिनों तक भी पुलिस ये तय नहीं कर पाई कि जहां वारदात हुई है वह किस थाना क्षेत्र के अंर्तगत आता है। सीमा विवाद को सुलझाने के लिए थाने में बाकायदा कुछ सरपंचों की मीटिंग भी की गई। कोई हल ना निकलने पर पीडित पक्ष पुलिस आयुक्त से मिला। सीपी के दखल के बाद धौज थाना पुलिस ने केस दर्ज किया है। हालांकि आरोपी अभी तक भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। गांव सिरोही निवासी धर्मवती ने पुलिस को दी शिकायत में कहा है कि वह पति के साथ बीजूपुर रोड स्थित एक फार्म हाउस की देखभाल का काम करती हूं।
वह और उनके पति दोनों ही बुजुर्ग हैं और दिव्यांग हैं। एक दिसंबर रात करीब दो बजे महिला का भांजा संजय फार्म हाउस में आ धमका। आरोपी उनके साथ मारपीट करने लगा और दोनों को जान से मारने कि कोशिश की। विरोध करने पर संजय ने महिला का हाथ तोड़ दिया और पति को भी मारा। चीख पुकार मचाने पर आरोपी उन्हें जान से मारने की धमकी देकर चला गया। महिला ने पुलिस को बताया कि उनके पास मोबाइल ना होने के कारण वह पुलिस को सूचना नहीं दे पाई। फार्म हाउस घने जंगल में बना हुआ है। अगले दिन 10 बजे महिला का बेटा वहां आया तो दोनों को अस्पताल पहुंचाया गया। पीड़ित दंपत्ति के बेटे हरिजीत ने बताया कि उन्होंने मां की तरफ से धौज थाना पुलिस को शिकायत दी थी। आरोप है धौज पुलिस चार दिनों तक सीमा विवाद में ही उलझी रही। बार बार महिला को सिकरौना चौकी और धौज थाना के चक्कर लगाने पडे। इतना ही नहीं सीमा विवाद सुलझाने के लिए सिरोही और सिकरौना के सरपंचों को भी बुलाया गया। बात ना बनती देख पीडित पक्ष पुलिस कमिश्नर के सामने पेश हुए और घटना की जानकारी दी। पुलिस कमिश्नर के आदेश पर धौज थाना पुलिस ने घटना के 22 दिन बाद सोमवार रात केस दर्ज कर किया है। हरिजीत का दावा है कि धौज थाना पुलिस ने उनपर समझौता करने का भी दबाव बनाया था। हालांकि पुलिस सभी आरोपों को निराधार बता रही है।
