फरीदाबाद, ( न्यूज अड्डा ) : बीके अस्पताल के मोर्चरी में रविवार दोपहर अचानक से अफरा तफरी का माहौल बन गया। एक मां बीके की मोर्चरी से बेटी के शव को उठाकर ले गई। महिला का दावा था कि उसकी जिंदा बेटी को मोर्चरी के फ्रिज में रख दिया गया है। मोर्चरी के स्टाफ ने महिला व उसके परिजनों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन परिवार के लोग शव को बाइक पर ही उठाकर घर ले गए। किसी तरह पुलिस ने उन्हें समझाकर निजी अस्पताल में जांच कराने को कहा। वहां भी डॉक्टरों ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया।
दरअसल सेक्टर-23 स्थित संजय कॉलोनी निवासी एक महिला रविवार दोपहर अपनी 13 वर्षीय बेटी को डाक्टर से दिखाने बीके अस्पताल के एमरजेंसी मे लेकर आई थी। उनकी बेटी उल्टी होने से बेहोश हो गई थी। जांच के बाद डाॅक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया और पोस्टमार्टम के लिए शव को मोर्चरी मे रखवा दिया। कुछ देर बाद महिला अपने परिजन के साथ मोर्चरी पहुंचकर अपनी बेटी को जिंदा बताकर शव को जबरदस्ती उठाकर घर ले गई। पीछे से पुलिस की टीम भी महिला के घर पहुंच गई। महिला का दावा है कि घर जाकर उन्होंने बेटी के पैरों पर मालिश की तो बेटी ने आंखें खोल ली। पुलिस ने महिला को काफी समझाया और बेटी की जांच निजी अस्पताल में कराने को कहा।
महिला व उसके परिवार के लोग बेटी को निजी अस्पताल में लेकर गए। निजी अस्पताल में भी डॉक्टरों ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया। महिला ने बीके अस्पताल के डाक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया और पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया। एनआईटी तीन चौकी प्रभारी मनोज ने बताया पीड़ित परिजन को उनकी बेटी के जिंदा होने का शक था, इसीलिए उसे मोर्चरी से एक निजी अस्पताल लेकर गए थे। सोमवार को किशोरी के शव का बोर्ड द्वारा पोस्टमार्टम कराया जाएगा। इस मामले में परिवार ने किसी के खिलाफ कोई शिकायत नहीं दी है।
