दूसरे आरोपी इंस्पेक्टर नरेश यादव को सस्पेंड़ कर विभागीय कार्रवाई शुरू
फरीदाबाद, ( न्युज अड्डा ) : धौज थाना में तैनात पीएसआई सुमित को डेढ लाख की रिश्वत मामले में नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है। यानि वह जेल से बाहर आने के बाद भी अब वर्दी नहीं पहन पाएगा। दूसरी तरफ तत्कालीन थाना प्रभारी नरेश यादव को सस्पेंड कर विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है। डीसीपी मुख्यालय अभिषेक जोरवाल ने इसके आदेश जारी किए हैं।
गौरतलब है 05 दिसंबर को एंटी करप्शन ब्यूरो अंबाला की टीम ने डेढ लाख की रिश्वत लेते धौज थाना में तैनात पीएसआई सुमित को एक फार्म हाउस से रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। आरोपी एक लाख रुपये पहले ले चुका था। इसके साथ ही धौज थाना प्रभारी इंस्पेक्टर नरेश यादव इसी केस में शिकायतकर्ता से 15 लाख रुपये ऐंठ चुका था। पीएसआई सुमित ने और डेढ लाख देने का दबाव बनाया तो शिकायतकर्ता परेशान हो गया। टीम ने रेड कर आरोपी को रंगे हाथ धर लिया। प्रोफेसर कॉलोनी कुरुक्षेत्र निवासी मनोज ने एंटी करप्शन ब्यूरो कुरुक्षेत्र को दी शिकायत में बताया कि वह नेक्सा जीपीएस एंड प्रोडक्ट ओपीसी प्राइवेट लिमिटेड का मालिक है। नवंबर 2023 से उनकी कंपनी गाड़ियों में जीपीएस लगाने का काम कर रही है। 08 सितंबर को धौज निवासी राहुल की शिकायत पर धौज थाने में एक केस दर्ज मनोज के खिलाफ केस दर्ज हुआ था। पुलिस ने इस केस में मनोज की कंपनी के कर्मचारी नफीस को गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि धौज थाना प्रभारी नरेश यादव ने मनोज पर दबाव बनाया कि आपकी कंपनी की महिला कर्मचारियों को भी इस केस में गिरफ्तार करूंगा। बचना है तो पैसे देने होंगे। मनोज ने प्लाट बेचकर और पत्नी के गहनों को बैंक में गिरवी रखकर पैसों का इंतजाम किया और नरेश यादव को 15 लाख रुपये और पीएसआई सुमित को एक लाख रुपये दे दिए। पैसे देने के बाद पुलिस ने मनोज को जांच में शामिल कर तफ्तीश के बाद पुलिस जमानत पर छोड़ दिया। पीएसआई सुमित ने इसके बाद भी चालान कोर्ट में नहीं दिया और मनोज और और पैसे देने का दबाव बनाने लगा। पीएसआई ने कहा चालान कोर्ट में देने के लिए उसे 50000 और थाना प्रभारी नरेश यादव को एक लाख रुपये और देने होंगे। शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन ब्यूरो की अंबाला व कुरूक्षेत्र की टीम ने रेड करके पीएसआई सुमित को डेढ लाख के साथ रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया डीसीपी मुख्यालय अभिषेक जोरवाल पीएसआई सुमित को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है और इंस्पेक्टर नरेश यादव को सस्पेंड़ कर विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
