फरीदाबाद, ( न्यूज अड्डा ) : साइबर अपराधियों ने लोगों को अलग अलग तरीके से झांसे में लेकर करीब दस लाख की ठगी कर ली। एक युवक से एटीएम कार्ड की केवाईसी कराने के बहाने अकाउंट की डिटेल हासिल करके एक व्यक्ति के अकाउंट से ठगों ने पौने पांच लाख रुपए ठग लिए। वहीं अन्य दो मामलों में उपहार खरीदने और पॉलिसी कैंसिल करने का झांसा दिया था। पीड़ितों की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। सेक्टर 29 निवासी सीनियर सिटीजन ने पुलिस को दी शिकायत में कहा कि 09 नवंबर को मोबाइल पर एक कॉल आई थी। कॉल करने वाले ने खुद को एक्सिस बैंक का कर्मचारी बताया। आरोपी अपना नाम राकेश गुप्ता बता रहा था। आरोपी ने बुजुर्ग के अकाउंट की केवाईसी ना होने की बात बताई और कहा कि जल्द अकाउंट बंद हो जाएगा। उसने बोला कि आप इस बैंक खाता की KYC करा लो। बातों में उलझाते हुए उसने नाम, जन्म तिथि पूछी। इसके बाद एक लिंक भेजा। बुजुर्ग ने जब लिंक को बैंक के खाते की KYC करवाने के लिए ओपन किया तो बताया गया कि वेरिफिकेशन हो चुकी है।इसके बाद ठग ने उक्त बैंक का एटीएम कार्ड के बारे में पूछा। इसके बाद कार्ड की डिटेल वेरिफिकेशन करने के बहाने से पूछ ली। दस दिसंबर को जब पीड़ित ने मै अपने बैंक में इस बात की पुष्टि करने के लिए गया तो पता चला कि KYC के लिए कोई फोन नहीं किया गया था। बचने के लिए बैंक खाते से पैसे ना निकले इसलिए उन्होंने बैंक खाता में 75000 रुपये थे उनकी FD करा दी। अगले दिन जब 11 दिसंबर को दोबारा से बैंक की पासबुक प्रिंट कराई तो पता चला कि अकाउंट से किसी ने FD तोड़कर 4 लाख 50,000 रुपये निकाल लिये। ये पैसे कुल 6 अलग अलग ट्रांजेक्शनों में निकले हैं।
दूसरे मामले में ग्रेटर फरीदाबाद सेक्टर 88 आरपीएस पाम्स सोसाइटी निवासी व्यक्ति ने पुलिस को दी शिकायत में कहा है कि 14 नवंबर को जापान के टोक्यो ( हाकुहोडो इंटरनेशनल ) में कार्यरत मेरे एक सहकर्मी से व्हाट्सएप के माध्यम से एक एसएमएस संदेश मिला। जिसमें उन्होंने भारत में अपनी चाची के लिए एक उपहार खरीदने में मदद मांगी थी। शिकायतकर्ता ने जानकार होने के कारण 17 नवंबर को कुल कुल दो लाख नब्बे हजार चार सौ यूपीआई आईडी के जरिए ट्रांसफर कर दी। 24 नवंबर को जब शिकायतकर्ता ने अपने कथित जानकार रिंकू ओकवारा से पैसे वापस करने के लिए कहा तो उसने इंकार कर दिया और कहा कि उसने तो कोई पैसे नहीं मंगाए थे। पीड़ित को तब ठगी का पता चला। साइबर थाना सेंट्रल पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। इसी तरह जवाहर कॉलोनी निवासी एक व्यक्ति ने अपनी शिकायत में बताया कि उन्हें एक आईडीएफसी बैंक कर्मी बनकर किसी ने फोन किया। उसने कहा कि आपकी बीमा पॉलिसी का प्रीमियम भुगतान नहीं हुआ है। पीड़ित ने अपनी कोई बीमा पॉलिसी होने से इंकार किया।इसके बाद ठग ने कहा कि आपके नाम से पाॅलिसी हुई है। यदि उसे कैंसिल करना है तो आप बैंक के एप पर जाकर उसे रद्द करा सकते हैं। इसमें मुश्किल से 5 मिनट लगेंगे। इसके बाद शिकायतकर्ता ने उसके झांसे में आकर गूगल प्ले स्टोर से बैंक का एप डाउनलोड कर लिया। उसने पॉलिसी विवरण वाले बटन पर क्लिक करने के लिए कहा। इसके बाद बैंक अकाउंट की जानकारी हासिल करके 106400 रुपये ठग लिए। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है।
