
फरीदाबाद (शुची आर्या): वॉयस फिशिंग और सोशल मीडिया स्कैम जैसे मामले तो बहुत प्रचलित हैं, लेकिन फरीदाबाद के एनआईटी 5 स्थित बाजार से एक नए तरीके की ठगी का मामला सामने आया है। ठग ने अपने क्रिएटिव दिमाग का प्रयोग करके दुकानों के बाहर क्यूआर कोड लगा दिए। इससे ग्राहकों द्वारा ऑनलाइन पैसे आरोपियों के अकाउंट में जाने लगे। पता लगते ही दुकानदारों के होश उड़ गए। एनआईटी थाना पुलिस ने सूचना मिलने पर करीब सात दुकानों से ऐसे क्यूआर कोड को हटवाया।
एनआईटी 5 स्थित बाजार में काफी संख्या में ऐसी दुकानें हैं जहां यूपीआई के प्रयोग से पैसे भेजे जाते हैं। बाजार में रेहड़ी- पटरी वाले भी इसका प्रयोग करते हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रविवार सुबह किसी ने चोरी-छिपे कुछ दुकानों के बाहर अपने यूपीआई आईडी का क्यूआर कोड चिपका दिया। दुकानदारों का उस क्यूआर कोड पर ध्यान नहीं गया। खरीदारी करने वाले ग्राहक जब क्यूआर कोड को स्कैन कर ऑनलाइन पैसे भेजने लगे तो वह पैसे आरोपियों के बैंक खाते में जा रहे थे।
ऐसे आया मामला सामने
प्राथमिक जांच में पता चला कि एक ग्राहक के पैसे भेजने पर जब संबंधित दुकानदार के पास ट्रांजेक्शन का संदेश नहीं पहुंचा तो उसने बैंक खाता संख्या की जांच की। उसके बैंक खाते में पैसे नहीं पहुंचे थे। इसके बाद दुकानदार ने ग्राहक द्वारा किए क्यूआर कोड की जांच की तो वह फर्जी निकला। यह जानकर उसके होश उड़ गए और उसने आसपास के दुकानदारों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद अन्य दुकानदारों ने भी अपने दुकान के बाहर क्यूआर कोड की जांच की तो कुछ फर्जी कोड पाए। उन्होंने तुरंत डायल-112 पर कॉल करके पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने करीब सात दुकानों के बाहर लगे क्यूआर कोड को हटाकर जब्त किया कर लिया। बताया जा रहा है कि तीन दुकानदारों के बिक्री के ₹2880 आरोपियों के बैंक खाते में गए हैं।
एनआईटी थाना की एसएचओ पूनम कुमारी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। आशंका है कि किसी ने सुबह दुकानों के बाहर क्यूआर कोड लगा दिए। पुलिस बाजार में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाल रही है।
