फरीदाबाद, ( न्यूज अड्डा ) : मुख्यमंत्री उड़नदस्ता और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से छापेमारी कर एक फर्जी पैथ लैब का भंड़ाफोड़ किया है। सराय ख्वाजा थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर पैथ लैब संचालक को हिरासत में ले लिया गया है। आरोपी बिना किसी वैध डिग्री व डिप्लोमा के यहां करीब पांच साल से पैथ लैब चला रहा था। इसके बावजूद आरोपी के पास कोई रिकार्ड तक नहीं मिला है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। आरोपी खुद ही लोगों के खून और पेशाब आदि के सैंपल लेता और रिपोर्ट बनवाकर वाट्सअप पर भेजता था।
सीएम फ्लाइंग को सूचना मिली कि अशोक इंक्लेव, मैन सेक्टर 34 में एलियांज मेडिकल सर्विस नाम से बिना योग्यता के पैथ लैब चलाई जा रही है। संचालक के पास लैब चलाने के लिए न स्वास्थ्य विभाग से कोई परमिशन है और न ही सैंपल लेने की कोई डिग्री, डिप्लोमा।
सीएम फ्लाइंग अधिकारियों ने टीम में डॉक्टर रिचा बत्रा, डॉक्टर लोकेश एमडी पैथालॉजी और डिप्टी सीएमओ डॉक्टर अजेन्द्र कुमार यादव की एक टीम बनाई। 22 दिसंबर को सीएम फ्लाइंग और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने छापेमारी की। मौके पर भूपेंद्र सिंह नाम का व्यक्ति मिला वह लैब संचालक था। आरोपी के पास पैथ लैब चलाने का कोई दस्तावेज नहीं था। भूपेंद्र सिंह ने पूछताछ में बताया वह करीब 5 साल से लैब चला रहा है। डिप्टी सीएमओ डॉक्टर अजेन्द्र कुमार यादव ने बताया कि लैब चलाने वाला व्यक्ति अवैध तरीके से लैब चलाते हुए पाया गया है। मौके पर पैथ लैब में लैब से संबंधित हेमेटोलॉजी एनालाइजर, पार्ट एनालाइजर, माइक्रोसोर्ब, वेंटेनर ट्यूब आदि रखे मिले।
टीम को मौके से प्रतिदिन कराये जा रहे टेस्ट संबंधित कोई भी रिकॉर्ड नहीं पाया गया। आरोपी भूपेंद्र सिंह लैब टेस्ट की रिपोर्ट मरीजों के मोबाइल फोन पर व्हाट्सएप के माध्यम से भेजते हैं। यही नहीं टीम को मौके पर बायोमेडिकल वेस्ट का ना तो कोई वैध दस्तावेज मिला और न ही मेडिकल वेस्ट का उचित तरीके से निस्तारण करना पाया गया। डिप्टी सीएमओ की शिकायत पर सराय ख्वाजा थाना पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
