दिल्ली धमाके से पहले श्रीनगर और अलफलाह युनिवर्सिटी में बना था प्लान
फरीदाबाद, ( न्यूज अड्डा ) : दिल्ली धमाके की जांच जैसे जैसे आगे बढ़ रही है वैसे ही मामले में चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। एनआईए की टीम पुलवामा निवासी जसीर वानी (20) नाम के छात्र से लगातार पूछताछ कर रही है। वह दिल्ली धमाके में मारे गए आतंकी उमर का सबसे ज्यादा करीबी था। उमर ने ही जमीर को शाहीन और मुजम्मिल से मिलवाया था। सूत्रों के मुताबिक जसीर ने जांच एजेंसियों को बताया है कि उमर और उसके साथी हमास की तर्ज पर दिल्ली सहित अन्य इलाकों में हवाई हमला करना चाहते थे। इसके लिए बाकायदा श्रीनगर और धौज में पूरा प्लान तैयार किया गया था। जिसमें ड्रोन से छोटी मिसाइल बनाने का काम सबसे अहम था। इसके लिए जसीर उनकी मदद कर रहा था।
दिल्ली धमाके के आरोपी डॉक्टर मुजम्मिल गनी, उमर और शाहीन सईद के साथ जसीर ने विस्फोटक भी तैयार किया था। जसीर अनंतनाग के एक काॅलेज में पॉलिटिकल साइंस का सेकेंड़ ईयर का छात्र है। सूत्रों के मुताबिक स्टूडेंट ने मुजम्मिल के साथ मिलकर आटा-चक्की से यूरिया को पीसकर निकाले गए अमोनियम नाइट्रेट छानने में सहयोग किया था। एनआईए की टीम आरोपी छात्र जसीर वानी को लेकर फरीदाबाद आई और कई ठिकानों की निशानदेही करवाई। आरोपी ने एनआईए को मुजम्मिल गनी का फ्लैट, खोरी जमालपुर में पूर्व सरपंच का मकान और धौज में जहां आटा चक्की छिपाई थी उस जगह की निशानदेही करवाई।
आरोपी जसीर वानी (20) जम्मू के पुलवामा स्थित एक गांव का रहने वाला था। इसी के गांव के पास में मुजम्मिल गनी का गांव है। आरोपी ने जांच एजेंसियों को बताया कि वह आतंकी उमर का सबसे ज्यादा करीबी था। पढाई और तकनीकी मामलों में तेज होने के कारण उमर ने उसे ड्रोन से छोटी मिसाइल बनाने का काम सौंपा था। बकौल जसीर आतंकी हमास की तर्ज पर हवाई धमाके करना चाहते थे। इसके लिए श्रीनगर में कुछ प्रयोग भी किए गए थे। वह चाहते थे कि ड्रोन और छोटी मिसाइल में विस्फोटक को भरकर दूर से ही धमाके को अंजाम दिया जाए ताकि उन्हें पकड़ना आसान ना हो। जसीर कई बार मुजम्मिल के फ्लैट पर आया था। यहां उन्होंने विस्फोटक तैयार किया था। वह डॉक्टर शाहीन सईद और मुजम्मिल से मिलने खोरी जमालपुर में भी जाता था। एनआईए की टीम लगातार आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
