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व्हाट्सऐप चैट के जरिए फंसाया, होटल में सर्विस देने के लिए भी मांगे पैसे

फरीदाबाद, 09 अगस्त ( न्यूज अड्डा, पूजा अड्डा ) : साइबर ठगों ने लोगों से पैसे ऐंठने के लिए तरह तरह के हथकंडे बना रखे हैं। लोग भी अपने ही किसी ना किसी लालच में आकर इनके जाल में फंस जाते हैं और मेहनत की कमाई गंवा बैठते हैं। साइबर थाना बल्लभगढ़ की टीम ने एस्कॉर्ट सर्विस उपलब्ध कराने के नाम पर 2. 30 लाख रुपये ठगने वाले गिरोह के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

आरोपियों की पहचान रैनवाल, जयपुर, राजस्थान निवासी सुरेश (27) और राहुल (24) के रूप में हुई है। सुरेश ठगी के लिए पीड़ित से फोन पर बातचीत करता था, जबकि राहुल व्हाट्सऐप के माध्यम से चैट करता था। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। इस मामले में पूर्व में तीन अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जा चुका है।

सेक्टर-3, फरीदाबाद निवासी एक व्यक्ति ने साइबर थाना बल्लभगढ़ में शिकायत दी थी कि 19 नवंबर 2025 को उसने गूगल पर एस्कॉर्ट सर्विस के संबंध में सर्च किया था। सर्च के दौरान उसे एक मोबाइल नंबर मिला। उक्त नंबर पर उसने व्हाट्सऐप के माध्यम से बातचीत शुरू की। आरोपी उसके साथ मीठी मीठी बातें करते रहे। उसे तरह तरह के सपने भी दिखाए और विदेशी महिला भेजने की बात की। इसके बाद 22 नवंबर 2025 को एक अन्य मोबाइल नंबर से पीड़ित के पास कॉल आई।

कॉल करने वाले ने उसे फरीदाबाद के एक होटल में आने के लिए कहा और एस्कॉर्ट सर्विस उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया। आरोपियों ने सर्विस उपलब्ध कराने से पहले अलग-अलग बहाने बनाकर पीड़ित से रकम जमा करवानी शुरू कर दी। उससे होटल एंट्री चार्ज, वीआईपी चार्ज, जीएसटी चार्ज और एस्कॉर्ट सर्विस चार्ज सहित विभिन्न मदों के नाम पर अलग-अलग बैंक खातों में कुल 2,30,800 रुपये ट्रांसफर करवा लिए गए। रकम ट्रांसफर करने के बाद भी पीड़ित को न तो कोई सर्विस उपलब्ध कराई गई और न ही उसकी रकम वापस की गई। इसके बाद पीड़ित को अपने साथ हुई साइबर ठगी का पता चला और उसने साइबर थाना बल्लभगढ़ में शिकायत दी।

वट्सअप पर करते थे गंदी बात

जांच के दौरान साइबर थाना बल्लभगढ़ की टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और बैंक खातों से संबंधित जानकारी के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई। पूछताछ में सामने आया कि सुरेश इस गिरोह में कॉलर की भूमिका निभाता था, जबकि राहुल व्हाट्सऐप पर पीड़ितों से चैट करता था। आरोपी महिलाओं से संबंधित अश्लील बातें करते थे। सुरेश ही ठगी की रकम प्राप्त करने के लिए बैंक खाते और सिम कार्ड उपलब्ध करवाता था।

दोनों आरोपी एक ही कस्बे के रहने वाले हैं और उनकी मुलाकात एक चाय की दुकान पर हुई थी। इसके बाद दोनों ने मिलकर साइबर ठगी का काम करना शुरू किया। दोनों आरोपी 12 वीं कक्षा तक पढ़े हुए हैं। इस मामले में तीन आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। सुरेश और राहुल की गिरफ्तारी के बाद पुलिस गिरोह के पूरे नेटवर्क और ठगी में इस्तेमाल किए गए बैंक खातों, मोबाइल नंबरों तथा अन्य माध्यमों की जांच की जा रही है।

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