3.45 करोड़ की धोखाधडी केस में हो सकती है गिरफ्तारी
फरीदाबाद, 29 जुलाई (न्यूज अड्डा) : रियल एस्टेट कारोबारी व एसआरएस समूह के चेयरमैन अनिल जिंदल एक बार फिर गिरफ्तार किए जा सकते हैं। करीब 3.45 करोड़ रुपये की निवेश धोखाधड़ी के मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार की अदालत ने उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। शिकायतकर्ता मोहित गोयल का आरोप लगाया है कि वर्ष 2014 में अनिल जिंदल ने अधिक मुनाफे का झांसा देकर उससे समय-समय पर 5.05 करोड़ रुपये निवेश कराए। कुछ समय तक रिटर्न और 1.60 करोड़ रुपये वापस मिले, लेकिन शेष 3.45 करोड़ रुपये न तो लौटाए गए और न ही निवेश का लाभ मिला। शिकायतकर्ता का आरोप है कि बाद में रकम के बदले 16 फ्लैट और एक फार्म हाउस देने का आश्वासन भी दिया गया, जो पूरा नहीं हुआ। इस मुकदमे में अनिल जिंदल ने अग्रिम जमानत याचिका लगाई थी।
अनिल जिंदल व उसके साथियों के खिलाफ जिले के विभिन्न थानों में निवेश के नाम पर धोखाधड़ी के 50 से अधिक केस दर्ज हैं। इन केसों में में पांच अप्रैल 2018 को पुलिस ने अनिल जिंदल को साथियों संग गिरफ्तार किया था। करीब छह साल जेल में रहने के बाद दिसंबर 2024 में जिंदल को जमानत मिल गई थी। तब से वह जेल से बाहर है।
