फरीदाबाद क्राइम ब्राँच ने किया 5 को गिरफ्तार
फरीदाबाद, 04 अगस्त ( न्यूज अड्डा/ पूजा भारद्वाज ) : क्राइम ब्रांच सेक्टर-56 की टीम ने गैस कटर से एटीएम मशीनों को काटकर लाखों रुपये चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश कर दिया है। आरोपियों ने शहर में दो बड़ी वारदात को अंजाम दे चुके थे। पुलिस ने इस मामले में दिल्ली पुलिस के एक सिपाही समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी वाहन चोरी के आरोप में बिहार की जेल में बंद है। उसे प्रोडक्शन वारंट पर फरीदाबाद लाया जाएगा। पूरे गिरोह का मास्टरमाइंड़ दिल्ली पुलिस का सिपाही है। एसीपी क्राइम अमन यादव ने बताया कि आरोपियों की पहचान गांव अटाली निवासी 34 वर्षीय हुकमचंद, अरविंद, बिहार के सिवान निवासी विकास,विशाल कुमार और अभिषेक कुमार के रूप में हुई है।अरोपियों ने पहली वारदात 3/4 जुलाई की रात थाना भूपानी क्षेत्र में की थी।
भूपानी मोड़ स्थित हिटैची स्पॉट एटीएम को गैस कटर से काटकर उसमें रखे 6.53 लाख रुपये चोरी कर लिए गए। जांच के दौरान पहले विकास कुमार, दिल्ली पुलिस के सिपाही हुकमचंद और अरविंद को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में सामने आया कि दिल्ली पुलिस में तैनात सिपाही हुकमचंद इस पूरे गिरोह का मास्टरमाइंड था। पुलिस के मुताबिक कर्ज में डूबे हुकमचंद ने अपने साथी अरविंद के साथ मिलकर एटीएम चोरी की योजना बनाई और बिहार निवासी विकास व राजू को इसमें शामिल किया। हुकमचंद ने एटीएम की रेकी कर गैस कटर समेत अन्य उपकरण उपलब्ध कराए, जबकि विकास और राजू ने वारदात को अंजाम दिया।
बिना हिस्सा दिए बिहार भाग गए दो आरोपी
जांच में सामने आया वारदात के बाद दिल्ली पुलिस के सिपाही हुकमंच, अरविंद, विकास और राजू में रुपयों के बंटवारे को लेकर कहासुनी हो गई। इसके बाद राजू और विकास सारे रुपए लेकर बिहार भाग गया। वहां राजू वाहन चोरी की एक वारदात में पकड़ा गया और जेल चला गया। एसीपी क्राइम के अनुसार विकास को इस तरह से वारदात करना आसान लगा। ऐसे में वह दूसरी वारदात की योजना बनाया। एसीपी अमन के अनुसार राजू के जेल चले जाने के बाद विकास अकेला पड़ गया। लिहाजा उसने गिरोह में अपने भाई विशाल और अभिषेक को शामिल किया।
फिर बिहार से आकर तीनों ने 26/27 जुलाई की रात थाना सेक्टर-58 क्षेत्र में जेसीबी चौक के पास स्थित हिटैची एटीएम को गैस कटर से काटकर करीब 5.71 लाख रुपए चोरी किए गए। आगर अलग-अलग शहरों में भाग गए। इस वारदात में उसने मास्टरमाइंड दिल्ली पुलिस के सिपाही हुकमचंद का साथ नहीं लिया और उसे वारदात की भनक तक नहीं लगने दी। इस मामले में विकास कुमार के साथ उसके भाई विशाल कुमार और अभिषेक कुमार को लखनऊ के आलमबाग से गिरफ्तार किया गया। आरोपियों ने तीसरी वारदात का प्रयास किया लेकिन उसमें सफल नहीं हो पाए
