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फरीदाबाद, 1 अक्टूबर ( न्यूज अड्डा ) : क्रेडिट कार्ड पर हेल्थ प्लान एक्टिव होने का झांसा देकर और उसे डीएक्टिवेट करने के नाम पर 1,23,700 रुपये की ऑनलाइन ठगी करने वाले दो आरोपियों को साइबर थाना बल्लभगढ़ की पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान दिल्ली के उत्तम नगर निवासी अरविंद कुमार और गीता कॉलोनी निवासी तालिम असद के रूप में हुई है। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ है कि ये शातिर ठग ठगी की रकम को गिफ्ट वाउचर और मोबाइल फोन की खरीद-फरोख्त के जरिए ठिकाने लगाते थे।

क्या था पूरा मामला? बल्लभगढ़ के रहने वाले एक व्यक्ति ने साइबर थाने में शिकायत दी थी कि 12 सितंबर को उनके पास एक अज्ञात नंबर से कॉल आई थी। कॉलर ने खुद को एक्सिस बैंक का कर्मचारी बताते हुए कहा कि उनके क्रेडिट कार्ड पर एक हेल्थ प्लान एक्टिव है, जिसके लिए हर महीने 2,100 रुपये काटे जा रहे हैं।

जब पीड़ित ने इस प्लान को बंद करने की इच्छा जताई, तो आरोपी ने उनके व्हाट्सएप पर एक लिंक भेज दिया। ठग के झांसे में आकर पीड़ित ने लिंक पर क्लिक कर अपने क्रेडिट कार्ड की जानकारी और ओटीपी साझा कर दिया। ओटीपी मिलते ही आरोपियों ने उनके खाते से 1,23,700 रुपये निकाल लिए।

गिफ्ट वाउचर और मोबाइलों से करते थे हेराफेरी मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर थाना बल्लभगढ़ ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों को दबोच लिया। पुलिस पूछताछ में चौंकाने वाला सच सामने आया:

  • मुख्य आरोपी अरविंद कुमार के किसी परिचित ने उसे करीब 1,23,000 रुपये के गिफ्ट वाउचर भेजे थे।
  • अरविंद इन गिफ्ट वाउचर को क्रोमा सेंटर पर दिखाकर इसके बदले महंगे मोबाइल फोन और अन्य सामान खरीदता था।
  • इसके बाद, वह खरीदे गए मोबाइल फोन को कम कीमत पर अपने साथी तालिम असद को बेच देता था।
  • तालिम से मिलने वाली नकदी को अरविंद वापस मुख्य साइबर ठगों तक पहुंचाता था।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि दोनों आरोपी पहले एक ही मोबाइल शॉप पर काम करते थे, जहां इनकी आपस में दोस्ती हुई थी। अरविंद केवल 8वीं पास है, जबकि तालिम असद बीए पास है। फिलहाल पुलिस आरोपियों से रिमांड के दौरान पूछताछ कर रही है ताकि इस ठगी से जुड़े अन्य बदमाशों का भी सुराग लगाया जा सके।

साइबर ठगी से ऐसे बचें (सुरक्षा टिप्स):

  • ओटीपी या पिन शेयर न करें: बैंक या कोई भी वित्तीय संस्थान कभी भी फोन पर ओटीपी, पासवर्ड या सीवीवी नंबर नहीं मांगता।
  • अज्ञात लिंक से रहें दूर: किसी भी अनजान नंबर से आए व्हाट्सएप या एसएमएस लिंक पर क्लिक न करें।
  • सतर्कता बरतें: यदि कोई बैंक अधिकारी बनकर कॉल करे, तो उस पर तुरंत भरोसा न करें। बैंक की आधिकारिक शाखा या कस्टमर केयर से संपर्क कर सत्यता की जांच करें।
  • शिकायत कहां करें: यदि आपके साथ कोई वित्तीय धोखाधड़ी होती है, तो तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।

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